केरल में निपाह वायरस से अबतक 6 लोगों की मौत

नई दिल्ली ( nainilive.com desk)-  केरल में निपाह वायरस तेजी से फैल रहा है. राज्य में इससे अभी तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है. अब कालीकट जिले में भी इससे प्रभावित लोगों का मामला सामने आया है. जिले में तेज बुखार से 9 लोगों के मारे जाने की खबर हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक नौ लोगों में दो के इस खतरनाक वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.

हालांकि केरल की स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने इस वायरस के संक्रमण से तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने आज बताया कि पिछले एक पखवाड़े में जिन तीन लोगों की मौत हुई है, वे एक ही परिवार के हैं. इनमें से दो भाई थे और उनकी आयु 20 साल से अधिक थी. जिस व्यक्ति का इलाज चल रहा है वह वाइरस से मरने वाले दोनों भाइयों के पिता हैं.निपाह वायरस की स्थितियों को देखने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने डॉक्टरों की एक उच्चस्तरीय टीम गठित करने का निर्देश दिया है.

नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के निर्देशक के अंदर एक टीम केरल पहुंच चुकी है. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय केरल स्वास्थ्य विभाग के संपर्क में है. जिलाधिकारी यू वी जोस के नेतृत्व में मामले की जांच और निगरानी के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है. जोस ने वायरस से हुई मौतों की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतकों के सैंपल को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है. राज्य में वायरस से हुई मौत के मामले सामने आने के बाद केंद्र ने विशेषज्ञों की टीम को राज्य भेजने का आदेश दिया है. स्वास्थ्य मंत्री के आदेश पर केंद्रीय विशेषज्ञों की टीम राज्य का दौरा कर स्थिति का जायजा लेगी. नड्डा ने ट्वीट कर कहा था, ‘केरल में निपाह वायरस से हुई मौतों को लेकर राज्य के स्वास्थ्य सचिव के साथ मैंने स्थिति की समीक्षा की है. मैंने एनसीडीसी डायरेक्टर को को जिले का दौरा करने का आदेश दिया है.

चमगादड़ से वाइरस का प्रसार हो रहा है

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, ‘स्वास्थ्य मंत्रालय ने चिकित्सकों के एक उच्च स्तरीय दल के गठन का निर्देश दिया है और चुनी हुई टीम केरल पहुंच गई है. इस बात का संदेह है कि चमगादड़ से विषाणु का प्रसार हो रहा है’ अधिकारी ने कहा, ‘टीम में पशुपालन, राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद समेत अन्य संस्थानों के अधिकारी शामिल हैं. मंत्रालय हालात की निगरानी के लिये केरल के स्वास्थ्य विभाग के साथ करीबी संपर्क में है.विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, निपाह वाइरस से मनुष्य में कई बिना लक्षण वाले संक्रमण से लेकर एक्यूट रेस्पीरेटरी सिंड्रोम और प्राणघातक इन्सैफेलाइटिस तक हो सकता है.डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट के अनुसार एनआईवी (निपाह वाइरस) से सुअरों और अन्य घरेलू जानवरों में भी बीमारी हो सकती है. अभी न तो मनुष्य और न ही पशुओं के उपचार के लिये इसका टीका विकसित हुआ है. मनुष्य के मामलों में इसका प्राथमिक उपचार इंटेंसिव सपोर्टिव केयर (सघन सहायक देखभाल) के जरिये किया जा सकता है.

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