नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ने की पत्रकार की मौत की जांच की मांग

नैनीताल ( Nainilive.com Desk ) – 1 जनवरी, 2018 को हल्द्वानी (जनपद-नैनीताल) में 34 वर्षीय पत्रकार देवेंद्र सिंह पटवाल की असामयिक मौत अपने पीछे कई सवाल खड़े कर गई है। विभिन्न स्रोतों से जानकारी हासिल करने के बाद पत्रकार देवेन्द्र की मौत के पीछे के वास्तविक कारणों को छिपाने की  संभावना दिखाई दे रही है। अतः नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स पत्रकार की मौत के वास्तविक कारणों से पर्दा उठाने के लिये इसकी निष्पक्ष जाॅंच की मांग करती है।
नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स को प्राप्त जानकारी के  अनुसार टीवी 100 चैनल में कार्यरत देवेंद्र सिंह पटवाल चैनल के नैनीताल प्रभारी थे। 1 जनवरी 2018 को दोपहर करीब 2.30 बजे के लगभग वे घर से अपनी गाड़ी लेकर सुनील नामक मित्र के साथ अपने अधीनस्थ कर्मचारी मुकेश के घर बैलपड़ाव गए थे। उसी दिन रात्रि 8.00 बजे देवेंद्र सिंह पटवाल के अधीनस्थ कर्मचारी मुकेश ने फोन करके देवेंद्र की माता जी को बताया कि देवेंद्र की तबीयत बहुत खराब है तथा सुनील, मुकेश तथा मुकेश की पत्नी उसे एंबुलेंस में कृष्णा हॉस्पिटल लेकर आए हैं। उन्होंने देवेंद्र की माॅं श्रीमती गंगा देवी जी को कृष्णा हॉस्पिटल पहुंचने को कहा। घर में कोई पुरुष सदस्य ना होने के कारण देवेंद्र सिंह पटवाल की माता जैसे तैसे रात्रि 9.30 बजे अस्पताल पहुंची तो वहां डॉक्टरों द्वारा बताया गया कि देवेंद्र सिंह पटवाल की मृत्यु हो चुकी है तथा देवेंद्र सिंह पटवाल का मृत शरीर उनकी माता जी को सौंप दिया। जबकि अस्पताल ले जाने वाले तीनों व्यक्तियों ने देवेंद्र सिंह की माता को मौत की जानकारी नहीं दी।
देवेंद्र की माता जी के अनुसार मृत देवेंद्र के नाक, कान से खून बह रहा था और मुंह से पीला झाग आ रहा था तथा गला हाथ और पूरा मुंह और नाखून तक नीले पड़ गए थे। देवेंद्र के अधीनस्थ कर्मचारी मुकेश तथा उसकी पत्नी देवेंद्र की माता श्रीमती गंगा देवी के साथ मृतक शरीर को लेकर उनके पैतृक गांव खोड़ा कॉलोनी, जिला गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) पहुंचे। अगले दिन प्रातः 9.30 बजे प्रातः मुकेश द्वारा दाह संस्कार के लिए जल्दबाजी दिखाई गई तथा बगैर किसी रिश्तेदार सगे-संबंधी के एकत्र हुए श्मशान घाट ले जाकर देवेंद्र का दाह संस्कार कर दिया। जब तक अन्य परिजन तथा रिश्तेदार श्मशान घाट पहुंचे देवेंद्र का आधा शरीर जल चुका था।
मुकेश द्वारा मृतक के रिश्तेदारों को जानकारी दी गई कि देवेंद्र को दिल का दौरा पड़ा था। मृतक पत्रकार हल्द्वानी में ही किराए का मकान लेकर अपनी पत्नी के साथ रहता था और 19 दिसंबर 2017 को उसको एक बेटा पैदा हुआ था । जिसको लेकर देवेंद्र बहुत प्रसन्न था। देवेंद्र की माता जी के अनुसार दीपावली के समय बातों बातों में देवेंद्र सिंह पटवाल ने उन्हें बताया था कि पता नहीं क्यों कुछ लोग मेरे पीछे पड़े हुए हैं और मुझे यहां से हटाना चाहते हैं। देवेंद्र ने अपनी माता को प्रदीप भंडारी और आसिफ खान नामक दो युवकों के नाम भी बताए थे। उसमें से प्रदीप भंडारी ने देवेंद्र स लाखों की रकम भी उधार ली हुई थी। पत्रकार देवेंद्र सिंह की पटवाल की माताजी ने अपने पुत्र की हत्या किए जाने की आशंका जाहिर करते हुये कुछ लोगों पर संदेह जाहिर किया। इसलिये यह आवश्यक हो गया है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जाय।

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