क्षेत्रीय सांसद अजय भट्ट ने किया बलियानाला कार्यस्थल पर विभिन्न गतिमान कार्यों का स्थलीय निरीक्षण

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नैनीताल (nainilive.com )- बुधवार को सांसद, नैनीताल एवं पूर्व केन्द्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री, अजय भट्ट द्वारा बलियानाला कार्यस्थल पर विभिन्न गतीमान कार्यों का स्थलीय निरिक्षण किया। सांसद द्वारा सेक्शन-A में विभित्र बेंच (El 1880, El 1866, El 1852) पर जाकर विभिन्न कार्यों का बारिकी से निरिक्षण किया। मुख्य अभियंता सिंचाई संजय शुक्ला द्वारा कार्यस्थल पर परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी उन्होंने सभी प्रकार के सुरक्षात्मक कार्यों जो कराए जा रहे हैं उसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान सांसद द्वारा सम्पूर्ण कार्यस्थल का भ्रमण कर किए जा रहे सभी सुरक्षात्मक कार्यों की जानकारी ली तथा उन्होंने वर्तमान तक किये गए कार्यों पर संतोष व्यक्त किया गया एवं यह भी व्यक्त किया कि संपादित किये जा रहे विभिन्न कार्यों से आम जनता को भूस्खलन से होने वाली परेशानी से छुटकारा मिलेगा।

इस दौरान सांसद द्वारा जी आई सी नैनीताल को जल्द से जल्द अन्यत्र विस्थापित करने की कार्यवाही करने हेतु भी सम्बंधित को निर्देशित किया साथ ही बलियानाला क्षेत्र में रह रहे 90 परिवारों को जो अभी भी खतरा बना हुआ है उस पर चिंता व्यक्त करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।

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इस दौरान क्षेत्रीय सांसद श्री भट्ट ने मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री जी का कार्यस्थल की आवश्यकतानुसार योजना की लागत जो पूर्व में 177.91 करोड़ थी और बढ़कर 298.93 करोड़ हो गई थी उसकी स्वीकृति करते हुए धनराशि आवंटन पर उनका धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि जनता को आगामी वर्षा में किसी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

आपको बता दें कि नैनीताल शहर दक्षिण पूर्वी भाग में बलियानाला क्षेत्र है, जिसमें लगातार भू-स्खलन होता रहता है। विगत हाल के वर्षों 2014 तथा 2018 में इस क्षेत्र में भू-स्खलन अधिक मात्रा में दिखाई दिया। भू-स्खलन रोकने हेतु समय-समय पर तात्कालिक उपाय किये गये, परन्तु भू-स्खलन पूर्णतः रुक नहीं पाया। इसी संदर्भ में बलियानाला भू-स्खलन के प्रभावी उपचार हेतु माननीय उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड नैनीताल में योजित पी०आई०एल० संख्या-157/2018 में माननीय उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड, नैनीताल द्वारा पारित आदेश दिनांक 20.09.2018 के क्रम में एक हाई पावर कमेटी का गठन किया गया था। हाई पावर कमेटी द्वारा बलियानाला के प्रभावित क्षेत्र के निरीक्षण उपरान्त बलियानाला के उचार हेतु long term measure कार्य के सुझाव दिये गये।उत्तराखण्ड शासन के शासनादेश (संख्या 1054/XVIII-B-1/2023-4(82)/2023 दिनांक 03.08.2023 )द्वारा योजना की कुल रू0 177.91 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गयी।

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जनवरी 2024 में अनुबन्ध गठन के पश्चात बलिया नाले का कार्य शुरू होने पर भूगर्भीय स्थिति को देखते पूर्व में बनी डी०पी०आर० को सुदृढीकरण करने की आवश्यकता महसूस की गई। इसी सम्बन्ध में दिनांक 10.05.2024 को शासन में आपदा सचिव की अध्यक्षता में हुये पी०एम०सी० की बैठक में आई०आई०टी० रूडकी के माध्यम से डीपीआर को सुदृढीकरण करने का निर्णय लिया गया। आईआईटी द्वारा प्रेषित Suggestive Measures के साथ साथ पी०एम०सी० सदस्यों द्वारा सुझाये गये विभिन्न कार्यों को सम्मिलित करते हुए पुनरीक्षित डी पीआर कुल रू0 298.93 करोड की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गयी। पुनरीक्षित योजना में micropile, grouting, shotcrete, एवं strenthening आदि कार्यों को सम्मिलित किया गया।उसके उपरांत कार्य तेजी से गतिमान है।

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निरिक्षण के दौरान मुख्य अभियंता सिंचाई संजय शुक्ला , उप जिलाधिकारी नवाजिस खलिक,सांसद प्रतिनिधि गोपाल रावत, मंडल अध्यक्ष नितिन कार्की, मोहित साह, बिमला अधिकारी, दयाकिशन पोखरियाल, मारुती साह, निखिल बिष्ट, करण साह, आनंद बिष्ट सहित सिंचाई विभाग के अधिकारी आदि मौजूद रहे।

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