लेखक और उपन्यासकार चंद्र दत्त पंत नहीं रहे
भीमताल (नैनीताल) (nainilive.com) – लेखक, उपन्यासकार, संगीत और मूर्तिकला के विशेषज्ञ चंद्र दत्त पंत का सोमवार दोपहर निधन हो गया। वह 97 साल के थे। उनकी अंत्येष्टि मंगलवार सुबह दस बजे रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर होगी। उनके परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं।साकेत कॉलोनी के वार्ड नंबर दो (बदरी भवन) निवासी चंद्र दत्त पंत का जन्म वर्ष 1923 में हुआ था। 1953 के आसपास उन्होंने अपनी पहली नौकरी प्रसिद्ध शिकारी जिम कॉर्बेट की ओर से गठित सिविल पायनियर फोर्स में की। दो साल तक वह जिम कार्बेट के साथ रहे। जिम कॉर्बेट के इस फोर्स से हटने के बाद चंद्र दत्त पंत ने भी खुद को इससे अलग कर लिया।
बाद में उन्होंने भीमताल स्थित राजकीय लीलावती पंत इंटर कॉलेज के अलावा कुमाऊं के कई विद्यालयों में हिंदी के शिक्षक के रूप में सेवाएं दीं। वह पिथौरागढ़ से सेवानिवृत्त हुए। शिक्षण के साथ-साथ उन्होंने आकाशवाणी अल्मोड़ा के लिए भी लेखन कार्य किया। उन्होंने ‘तूने कहा था’ और ‘कहां से कहां’ नाम से दो उपन्यास लिखे। कहां से कहां उपन्यास दो दिन पहले ही प्रकाशित हुआ है। उनके बड़े बेटे राजशेखर पंत शिक्षक हैं और हाल ही में नैनीताल स्थित बिड़ला विद्या मंदिर से रिटायर हुए हैं। छोटे बेटे राजकमल पंत का डांठ में रेस्टोरेंट है।
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