21 जून को लगेगा सूर्य ग्रहण, एरीज के फेसबुक पेज से देखा जा सकता हैं लाइव

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संतोष बोरा , नैनीताल ( nainilive.com )- खगोल प्रेमियों के लिए 21 जून 2020 को वलयाकार सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. यह सूर्य ग्रहण एशिया अफ्रीका और यूरोप के कुछ भागों से देखा जा सकता है जिसमें भारत से 95 प्रतिशत तक देखा जा सकता है।

एसबी पांडे वरिष्ठ वैज्ञानिक एरीज: खगोल प्रेमियों के लिए इस बार एरीज नैनीताल से लाइव प्रसारण सोशल मीडिया फेसबुक यूट्यूब के माध्यम से किया जयेगा, जिसमे 15 सेंटीमीटर सोलर टावर टेलीस्कोप, 6 इंच विक्सन टेलीस्कोप व सन प्रोजेक्शन टेलीस्कोप का इस्तेमाल किया जाएगा।

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दीपांकर वैनर्जी डायरेक्टर एरीज: सूर्य ग्रहण उस समय होता है, जब चंद्रमा सूर्य को आंशिक या पूर्ण रूप से ढक लेता है, जिसमें आंशिक वलयाकार या पूर्ण सूर्य ग्रहण की घटना देखी जा सकती है, इस घटना को अमावस्या के दिन ही देखा जा सकता है। सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा की गोल छाया पृथ्वी पर पड़ती है। और अंधकारमय क्षेत्र बनाती है, जिसे अंबरा कहा जाता है, अपेक्षाकृत कम अंधकारमय पैनोरमा कहलाता है।

सूर्य ग्रहण सूर्य ग्रहण से अधिक दुर्लभ घटना है यह अमावस्या की एक मासिक घटना होती है, परंतु सूर्यग्रहण हर अमावस्या में संभव नहीं है। एरीज निदेशक दीपांकर बनर्जी ने बताया कि सूर्य ग्रहण 10:25 से शुरू होकर 12:08 पर अपने चरम पर होगा और 1:54 पर समाप्त हो जाएगा, उन्होंने कहा कि भारत में अगला वलयाकार सूर्यग्रहण 21 मई 2031 को ही संभव होगा, जबकि पूर्ण सूर्य ग्रहण 20 मार्च 2034 को देखा जाएगा।

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सूर्य ग्रहण देखते समय ध्यान रखने योग्य बातें।

सूर्य ग्रहण के लिए बने चश्मे ISO प्रमाणित या कैमरे में उचित फिल्टर लगा कर ग्रहण को देखना चाहिए। साथ ही पिन होल कैमरे या टेलिस्कोप से पर्दे पर छवि के प्रतिबिंब का अवलोकन करना चाहिए और ग्रहण के दौरान खाने, पीने , नहाने और बाहर जाने में कोई हानि नहीं होती है। इस भव्य और दुर्लभ घटना का अवलोकन सुरक्षित तरीके से करना चाहिए।

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बता दें कि सूर्य ग्रहण को सीधे कोरी आंखों से नहीं देखना चाहिए और ना ही एक्सरे फिल्म या साधारण चश्में से भी ना देखें और पेंट लिए हुए शीशे भी ग्रहण देखना सुरक्षित नहीं है।

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