पालिकाहित में बीते 96 घंटों से आमरण अनशन पर बैठा है नैनीताल का प्रथम नागरिक- शासन प्रशासन को नहीं पड़ रहा है कोई फर्क

पालिकाहित में बीते 96 घंटों से आमरण अनशन पर बैठा है नैनीताल का प्रथम नागरिक- शासन प्रशासन को नहीं पड़ रहा है कोई फर्क

पालिकाहित में बीते 96 घंटों से आमरण अनशन पर बैठा है नैनीताल का प्रथम नागरिक- शासन प्रशासन को नहीं पड़ रहा है कोई फर्क

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संतोष बोरा , नैनीताल ( nainilive.com )- शासन से नगर पालिका को बजट आवंटित नही किए जाने को लेकर पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी सहित सभी सभासद नगर पालिका प्रांगण में बीते एक सप्ताह से धरने पर बैठे हुए थे। मांग नही माने जाने पर सोमवार आठवे दिन से पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी आमरण अनशन पर बैठ गए थे। शुक्रवार को उनके आमरण अनशन को 96 घँटे से ज्यादा का समय हो चुका है। बीते दिवस उपजिलाधिकारी एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी भी वार्ता के लिए पहुंचे थे , लेकिन 20 मिनट चली यह वार्ता भी बेनतीजा रही.

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शुक्रवार को आमरण अनशन के पांचवे दिन पालिकाध्यक्ष के अनशन को सितारगंज पालिकाध्यक्ष हरीश दुबे भी अपना समर्थन देने के लिए पहुँचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों के लिए बीते 96 घंटे से पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी धरने पर बैठे हुए हैं लेकिन अभी तक शासन प्रशासन से उनसे किसी ने मिलने की जहमत तक नहीं उठाई है। इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है उन्होंने कहा कि जल्द ही तराई क्षेत्र के सभी पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी के साथ धरने पर बैठेंगे।

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सचिन नेगी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते पालिका वित्तीय संकट से जूझ रही है। पूर्व से ही पालिका के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन और एरियर का करीब 9 करोड़ रुपया बकाया है। इधर कोरोना के चलते विभिन्न साधनों से होने वाली करीब चार करोड़ का अब तक पालिका को नुकसान हो चुका है।

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पालिकाध्यक्ष ने कहा कि पूर्व में पालिका की ओर से कई बार शासन से इस बकाएदारी चुकाने के लिए शासन से बजट की मांग की जा चुकी है। बीते दिनों ही पालिकाध्यक्ष खुद बजट की मांग को लेकर शासन स्तर पर वार्ता कर चुके है, लेकिन कई बार मांगो के बावजूद शासन से बजट नहीं मिला। अब पालिकाबोर्ड ने सरकार के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है।

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