नैनीताल की पहचान नैनीझील की नौकाये कर रही है पर्यटकों का इंतजार

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संतोष बोरा , नैनीताल ( nainilive.com )- सरोवर नगरी नैनीताल का नाम जेहन में आते ही सबसे पहले नैनीझील में चलने वाली नौकाओ की तस्वीर आंखों के सामने आ जाती है। यहाँ आने वाली पर्यटको द्वारा भी सबसे पहले नौकायान का ही आनंद लिया जाता है। नैनीझील में चलने वाली नौकाओ का पूरा जिम्मा नगर पालिका परिषद के पास है। लेकिन वर्तमान मेें कोरोना महामारी के चलते बीते 22 मार्च से नैनीझील भी बिन पर्यटकों के सुनी पड़ी है। जिसके चलते नाव चालको के ऊपर भी अब रोजी रोटी का संकट छाने लगा है।

राम सिंह नाव चालक संघ अध्यक्ष: हमारी शासन प्रशासन से अनुरोध है कि अब नगर में पर्यटक आने लगे है। ऐसे में अब नाव चलाने की परमिशन दे दी जानी चाहिए। जिससे हम लोग को थोड़ी बहुत राहत तो मिल सकेगी। क्योंकि बीते 22 मार्च लॉक डाउन के बाद से हम लोगो पर रोजी रोटी का गंभीर संकट छाने लगा है।

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रेहान खान नाव चालक: में ठेके पर नाव चलाता हु लेकिन लॉक डाउन के बाद नाव नही चलने से रोजी रोटी का संकट मंडराने लगा है।तीन लोगों का परिवार का भी अब भरण पोषण करना काफी मुशिकल हो चुका है।आजकल ध्याडी मजदूरी कर रहे है वो काम भी रोज नही मिल रहा है।अभी सीजन होता था और हम लोग इस दौरान नाव मालिक का पूरे वर्ष के पैसे देने के बाद अपने लिया भी अच्छा पैसा बचा लेते थे।

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अशोक कुमार वर्मा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका: वर्तमान में नैनीझील में 222 चप्पू नाव, 90 पैदल वोट, और 10 पाल नॉकाये चलती है, जिसमे एक नाव का 210 रुपये किराया प्रति चक्कर सवारी से लिया जाता है जिसमे एक समय में अधिकतम 4 लोग बैठ सकते है, और सवारियों को लाइफ जैकिट पहनना अनिवार्य होता है। व इसकी जिम्मेदारी नाव चालक की होती है। अगर सवारी बिना लाइफ के पाया जाता है। तो इस दिशा में चालक का चालान भी किया जा सकता है। सभी वोट चालको पर लाइसेंस होना अनिवार्य होता है। नाव में खाने पीने की वस्तु प्रतिबंधित होती है। नाव में जानवरों को ले जाना भी सख्त मना है। वोट चालक शराब पी कर वोट नही चला सकता है, शाम को सूरज ढलने के बाद कोई भी वोट चालक सवारी नही ले जा सकता है। और मौसम खराब होने पर या बारिश में भी नाव चलाना मना है.

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