सूर्य ग्रहण का एरीज से हुआ लाइव प्रसारण

Share this! (ख़बर साझा करें)

संतोष बोरा , नैनीताल ( nainilive.com )- खगोल प्रेमियों ने रविवार को वलयाकार सूर्य ग्रहण का दीदार किया,यह सूर्य ग्रहण एशिया अफ्रीका और यूरोप के कुछ भागों से देखा जा सकता है जिसमें भारत से 95 प्रतिशत दिखाई दिया हालांकि मौसम साफ नही होने के चलते लोग सूर्यग्रहण का भरपूर आनंद तो नही ले पाए।

डॉ शशि भूषण पांडे वरिष्ठ वैज्ञानिक एरीज: खगोल प्रेमियों के लिए इस बार एरीज नैनीताल से लाइव प्रसारण सोशल मीडिया फेसबुक यूट्यूब के माध्यम से किया गया, जिसमे 15 सेंटीमीटर सोलर टावर टेलीस्कोप, 6 इंच विक्सन टेलीस्कोप व सन प्रोजेक्शन टेलीस्कोप का इस्तेमाल किया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में बढ़ते अपराधों के बीच धामी सरकार का बड़ा एक्शन, बदले गए कई जिलों के पुलिस कप्तान

दीपांकर बनर्जी , डायरेक्टर एरीज: सूर्य ग्रहण उस समय होता है, जब चंद्रमा सूर्य को आंशिक या पूर्ण रूप से ढक लेता है, जिसमें आंशिक वलयाकार या पूर्ण सूर्य ग्रहण की घटना देखी जा सकती है, इस घटना को अमावस्या के दिन ही देखा जा सकता है। सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा की गोल छाया पृथ्वी पर पड़ती है। और अंधकारमय क्षेत्र बनाती है, जिसे अंबरा कहा जाता है, अपेक्षाकृत कम अंधकारमय पैनोरमा कहलाता है।

यह भी पढ़ें 👉  राज्य सरकार सख्त: होली-रमज़ान से पहले नैनीताल में मिलावट पर बड़ा एक्शन, 9 नमूने जब्त, संदिग्ध पनीर नष्ट

सूर्य ग्रहण सूर्य ग्रहण से अधिक दुर्लभ घटना है यह अमावस्या की एक मासिक घटना होती है, परंतु सूर्यग्रहण हर अमावस्या में संभव नहीं है। एरीज निदेशक दीपांकर बनर्जी ने बताया कि सूर्य ग्रहण 10:25 से शुरू होकर 12:08 पर अपने चरम पर था।व 1:54 पर समाप्त हो गया। उन्होंने कहा कि भारत में अगला वलयाकार सूर्यग्रहण 21 मई 2031 को ही संभव होगा, जबकि पूर्ण सूर्य ग्रहण 20 मार्च 2034 को देखा जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  आवासीय मानचित्र 15 दिन में और अनावासीय मानचित्र 30 दिन में स्वीकृति किए जाए- डीएम ललित मोहन रयाल
Ad Ad
नैनी लाइव (Naini Live) के साथ सोशल मीडिया में जुड़ कर नवीन ताज़ा समाचारों को प्राप्त करें। समाचार प्राप्त करने के लिए हमसे जुड़ें -

👉 Join our WhatsApp Group

👉 Subscribe our YouTube Channel

👉 Like our Facebook Page