डा. महेंद्र राणा को बनाया गया देवभूमि विचार मंच उत्तराखंड का कुमाऊं विश्वविद्यालय संयोजक

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न्यूज़ डेस्क , नैनीताल ( nainilive.com )- कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के फार्मेसी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ महेंद्र राणा को संघ की आनुषांगिक संगठन प्रज्ञा प्रवाह का विश्वविद्यालय संयोजक नियुक्त किया गया है। इसी के साथ प्रज्ञा प्रवाह ने कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल में अपनी गतिविधियों का भी विस्तार किया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन प्रज्ञा प्रवाह का प्रमुख उद्देश्य बुद्धिजीवी वर्ग में वैचारिक विमर्श से राष्ट्रवादी विचारधारा को पोषित करना है। ‘प्रज्ञा प्रवाह’ संघ की एक संस्था है जिसकी शुरूआत सुदर्शन, दत्तोपंत ठेंगड़ी, पी. परमेश्वरन ने मिलकर की थी। राष्ट्रीय स्तर पर संघ ने अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख रहे जे. नंदकुमार को ‘प्रज्ञा प्रवाह’ के अखिल भारतीय संयोजक के रूप में मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।

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“प्रज्ञा प्रवाह भारतीय लोकाचार और परंपराओं में निहित एक राष्ट्रव्यापी बौद्धिक आंदोलन है” जिसका उद्देश्य है की संस्कृतियों और परंपराओं, मूल्यों और दृष्टिकोणों को उखाड़ फेंकने के अप्रत्याशित आक्रमणों और सांस्कृतिक हमलों का डटकर सामना करना। प्रज्ञा प्रवाह को एक बौद्धिक मंच के रूप में देखा गया है, जो इस तरह की चुनौतियों को प्रभावी ढंग से, गहन अध्ययन, अनुसंधान और अभिजात वर्ग और आम जनता के बीच विचारों के प्रसार के माध्यम से ले सकता है।


यह अपने आप में एक संगठन नहीं है। रचनात्मक सोच को सम्मानित करने, सकारात्मक सामग्री विकसित करने, प्रवचनों को उचित दिशा देने और दुनिया भर में भारत केंद्रित बुद्धिजीवियों, बौद्धिक आंदोलनों और थिंक टैंकों के बीच एक स्वस्थ नेटवर्क बनाने के लिए राष्ट्रवादी विचारकों के एक मंच के रूप में इसकी परिकल्पना की गई है। उत्तराखंड राज्य में प्रज्ञा प्रवाह ‘उत्तराखंड विचार मंच’ के रूप में वैचारिक क्रांति के लिए क्रियाशील है। ज्ञात हो कि देवभूमि विचार मंच अनेक वर्षों से अकादमिक कार्यों के माध्यम से राष्ट्रवादी विचारों को छात्र छात्राओं, जनसामान्य तक पहुंचाने का कार्य करता रहा है।
डॉ महेंद्र राणा, सहायक प्राध्यापक, भेषज विज्ञान विभाग, भीमताल, कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल द्वारा दिनांक १२/०४/२०२२ को देवभूमि विचार मंच उत्तराखंड की सदस्यता ग्रहण की। डा. राणा के अकादमिक कार्यों और सांगठनिक रूप से कार्य करने की क्षमता को देखते हुए उन्हें कुमाऊं विश्वविद्यालय का संयोजक नियुक्त किया गया।

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डाक्टर महेंद्र राणा को शिक्षा जगत में कार्य करते हुए १६ वर्ष का अनुभव है। इस कार्यकाल में उन्हें उत्तरप्रदेश के झाँसी जनपद, मद्ध्य प्रदेश के ग्वालियर एवं भोपाल जनपद के साथ ही उत्तराखंड में स्थित कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल में सेवाएं देने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। अपने अकादमिक यात्रा के दौरान उन्होंने अबतक ३४ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध पात्र प्रकाशित किये हैं साथ साथ १६ पुस्तक अध्याय भी वे प्रकाशित कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने ०८ शोध परियोजनाएं भी सफलता पूर्वक सम्पादित की हैं। उनका प्रशासनिक अनुभव विस्तृत है, वर्तमान में वे अवैतनिक निदेशक सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन हिमालयन मेडिसिनल प्लांट्स एंड नैनोटेक्नोलाजी, पाठ्यक्रम संयोजक, एमo एसo सीo (फॉरेंसिक साइंस, मेडिकल बायोटेक्नोलॉजी, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी एवं बायोमेडिकल साइंसेज), विश्वविद्यालय संयोजक पलासमेंट एंड काउन्सलिंग के रूप में अपना योगदान दे रहे हैं। पूर्व में भी वे विश्वविद्यालय जन संपर्क अधिकारी कुमाऊँ विश्वविद्यालय,सहायक परीक्षा नियंत्रक, सहायक नोडल अधिकारी रूसा, सहायक कुलानुशासक, सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण के रूप में विश्वविद्यालय के उन्नयन के लिए अपना अमूल्य योगदान दे चुके हैं।


डॉ महेंद्र राणा ने बताया की प्रज्ञा प्रवाह के मूल उद्देश्य भारतीय दर्शन एवं उच्च मानवीय मूल्यों पर आधारित है जिनका अनुसरण करते हुए विचार मंच के विस्तार के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहेंगे। उन्होंने बताया की प्रज्ञा प्रवाह के रूप में आज देश को एक शक्तिशाली नैतिक बौद्धिक आंदोलन की आवश्यकता है जो मौजूदा सामाजिक संरचना का विश्लेषण, आकलन और उपयुक्त रूप से पुन: उन्मुखीकरण करते हुए सार्वभौमिक सनातन जीवन-मूल्यों में निहित एक गतिशील, दूरंदेशी सामाजिक व्यवस्था की स्थापना करे। एक ऐसा बौद्धिक विमर्श मंच जोकि पिछली कुछ शताब्दियों के दौरान मानव द्वारा अर्जित वैज्ञानिक और तकनीकी ज्ञान और प्रकृति, विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भारतीय धारणा के तुलनात्मक अध्ययन को प्रोत्साहित करके, आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी को मातृ प्रकृति और उच्च मानवीय मूल्यों के साथ सामंजस्य में लाने का प्रयास करे। एक ऐसी वैचारिक जो लोगों की सोच को संकीर्ण निष्ठा से हमारे देश, हमारे लोगों, हमारी संस्कृति और, वास्तव में, सभी मानव जाति के प्रति उच्च निष्ठा को बढ़ाये। जो देश की एकता और अखंडता के लिए हानिकारक प्रवृत्तियों के खिलाफ लड़ने के लिए राष्ट्र के संकल्प को मजबूत करे।

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डाक्टर राणा के संयोजक का दायित्व ग्रहण करने पर प्रज्ञा प्रवाह के क्षेत्रीय संयोजक भगवती प्रसाद “राघव”, अध्यक्ष डॉ चैतन्य भंडारी, संयोजक डॉ अंजली वर्मा, सह संयोजक श्री रवि कुमार जोशी, एडवोकेट सी.एस.रावत तथा अन्य सदस्यों ने प्रसन्नता जताई तथा आशा व्यक्त की कि कुमाऊं विश्वविद्यालय में संगठन का विस्तार करने में डा. राणा अपना अमूल्य योगदान करेंगे। इस अवसर पर जिला सह प्रचार प्रमुख नैनीताल अंचल पंत,जिला संपर्क प्रमुख सुयश पंत , श्री अमनदीप आनंद सचिव व्यापर मण्डल तल्लीताल , सुमित जोशी प्रदेश मंत्री , वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ़ इंडिया उत्तराखंड सहित अनेक संगठनों के पदाधिकारियों ने डॉ महेंद्र राणा को इस दायित्व हेतु चयन पर हर्ष व्यक्त किया गया एवं आशा व्यक्त की गयी की डॉ राणा द्वारा विश्वविद्यालय स्तर पर वैचारिक और अकादमिक विमर्श की इस सतत यात्रा को आगे बढ़ाया जायेगा।

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