उत्तराखंड में रिटायर्ड कर्मचारियों के पेंशन कटौती पर सरकार से मांगा जवाब

Share this! (ख़बर साझा करें)

न्यूज़ डेस्क , नैनीताल ( nainilive.com )- उत्तराखंड में रिटायर्ड कर्मचारियों के पेंशन से हो रही कटौती के मामले पर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश राघवेंद्र सिंह चौहान की खंडपीठ ने सरकार को अपना जवाब शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि किसी भी कर्मचारी की पेंशन से कटौती नहीं की जा सकती है।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष व भाजपा नेता ने थामा आप का दामन

कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि क्या अब भी सरकार कर्मचारियों की पेंशन से कटौती करेगी, जिस पर जवाब सोमवार तक कोर्ट में पेश करे। देहरादून निवासी गणपत सिंह बिष्ट व अन्य ने याचिका में कहा है कि राज्य सरकार ने स्वाथ्य बीमा के नाम पर उनकी अनुमति के बिना 21 दिसम्बर 2020 को शासनादेश जारी कर उनकी पेंशन से अनिवार्य कटौती 1 जनवरी 2021 से शुरू कर दी है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में 18 सितंबर से शुरू होगी चारधाम यात्रा

याचिकर्ताओ का कहना है कि यह उनकी व्यक्तिगत संपत्ति है। सरकार इस इस तरह की कटौती नहीं कर सकती। पूर्व में यह व्यवस्था थी कि कर्मचारियों का स्वास्थ्य बीमा सरकार खुद वहन करती थी, परन्तु अब सरकार उनके पेंशन से स्वास्थ्य बीमा के नाम पर हर माह कटौती कर रही है। लिहाजा पूर्व व्यवस्था को लागू किया जाए।

यह भी पढ़ें 👉  भारत के स्वतंत्रता संग्राम का संघर्ष है कई मामलों में विशेष - मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राघवेंद्र सिंह चौहान
नैनी लाइव (Naini Live) के साथ सोशल मीडिया में जुड़ कर नवीन ताज़ा समाचारों को प्राप्त करें। समाचार प्राप्त करने के लिए हमसे जुड़ें -

👉 Join our WhatsApp Group

👉 Subscribe our YouTube Channel

👉 Like our Facebook Page

Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments