राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) दो दिवसीय मुनस्यारी भ्रमण पर , प्रसिद्ध नंदा देवी मंदिर में की पूजा-अर्चना

Share this! (ख़बर साझा करें)

पिथौरागढ़ ( nainilive.com )- राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने अपने दो दिवसीय मुनस्यारी भ्रमण के दौरान आज प्रसिद्ध नंदा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर राज्यपाल ने क्षेत्र में संचालित पर्यटन गतिविधियों का अवलोकन किया तथा नंदा देवी मंदिर परिसर एवं उसके आसपास विकसित पर्यटन सुविधाओं और व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए जिला प्रशासन को बधाई दी। जिला प्रशासन द्वारा उन्हें विकासखंड मुनस्यारी में विकसित हो रही पर्यटन गतिविधियों, मिलम, खलिया टॉप, बिर्थी, पंचाचूली क्षेत्र तथा अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने नंदा देवी मंदिर समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों से भी मुलाकात कर मंदिर की व्यवस्थाओं तथा धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं पर चर्चा की।

भ्रमण के दौरान राज्यपाल ने जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा स्थानीय स्तर पर किए जा रहे नवाचारों और विकास कार्यों की सराहना की। मंदिर परिसर में लगाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों का अवलोकन करते हुए उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता, विपणन एवं ब्रांडिंग के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों का संरक्षण एवं प्रभावी विपणन ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ स्थानीय पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

राज्यपाल ने मंदिर परिसर में उपस्थित स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों तथा ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने महिलाओं द्वारा स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि महिला समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड भाजपा में संगठनात्मक फेरबदल, अजेय कुमार की नई तैनाती


इसके उपरांत राज्यपाल ने वर्ष 2023 में ‘बेस्ट टूरिज्म विलेज’ पुरस्कार से सम्मानित सरमोली ग्राम पंचायत का भ्रमण किया। उन्होंने सरमोली के सामुदायिक पर्यटन एवं होमस्टे मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि यह गांव स्थानीय सहभागिता, महिला सशक्तीकरण और सतत पर्यटन विकास का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यहां स्थानीय समुदाय, विशेषकर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से पर्यटन को आजीविका और पर्यावरण संरक्षण से प्रभावी रूप से जोड़ा गया है।

राज्यपाल ने सरमोली ग्राम पंचायत के होमस्टे मॉडल एवं सामुदायिक सहभागिता की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि सरमोली ने सामुदायिक सहभागिता, महिला सशक्तीकरण एवं सतत पर्यटन विकास पर आधारित एक ऐसा मॉडल विकसित किया है, जिसे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्राप्त हो रही है।

राज्यपाल ने ग्रामवासियों, महिला स्वयं सहायता समूहों तथा होमस्टे संचालकों को इस उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके सामूहिक प्रयासों ने सरमोली को पर्यटन के क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है। उन्होंने स्थानीय महिलाओं से अपने पारंपरिक उत्पादों, लोक संस्कृति, स्थानीय खान-पान तथा प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण हेतु आभार व्यक्त किया। और इसी तरह लोक संस्कृति का प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य करते रहने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि सरमोली का यह मॉडल स्थानीय लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यटकों को उत्तराखण्ड की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवनशैली से परिचित कराने का भी प्रभावी माध्यम बन रहा है। यहां संचालित होमस्टे पर्यटकों को स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों, संस्कृति और ग्रामीण जीवनशैली का अनुभव प्रदान करते हैं, जो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करता है।

राज्यपाल ने क्षेत्र के होमस्टे संचालकों से भी मुलाकात की तथा उनके अनुभवों, सुझावों एवं समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि मुनस्यारी आज उत्तराखण्ड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। वर्तमान में नगर क्षेत्र में लगभग 120 होमस्टे संचालित हो रहे हैं, जबकि 32 होटल, एक दर्जन से अधिक लॉज, तीन गेस्ट हाउस तथा 50 से अधिक टेंट पर्यटकों को आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।

राज्यपाल ने कहा कि मुनस्यारी में पर्यटन, संस्कृति, प्रकृति एवं स्थानीय आजीविकाओं का अनूठा संगम देखने को मिलता है। यहां के होमस्टे, स्थानीय उत्पाद और महिला स्वयं सहायता समूह न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रहे हैं, बल्कि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान दिला रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहलें स्थानीय युवाओं एवं महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित कर रहा है तथा मुनस्यारी को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में और अधिक प्रतिष्ठा दिला रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  भीमताल झील के सौंदर्यीकरण हेतु झील के किनारे लगाए जाएंगे बोगनबेलिया के पौधे, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की पौधारोपण की शुरुआत
Ad Ad
नैनी लाइव (Naini Live) के साथ सोशल मीडिया में जुड़ कर नवीन ताज़ा समाचारों को प्राप्त करें। समाचार प्राप्त करने के लिए हमसे जुड़ें -

👉 Join our WhatsApp Group

👉 Subscribe our YouTube Channel

👉 Like our Facebook Page