स्पेस अपडेट : इतिहास रचने को तैयार स्पेसएक्स ( SpaceX) पर पड़ सकती है मौसम की मार

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नासा का महत्वपूर्ण मिशन स्पेसएक्स ( SpaceX) उड़ने को तैयार

नैनीडेस्क, नैनीताल ( nainilive.com )- आज रात 2.03 बजे उड़ने को तैयार नासा के स्पेसएक्स मिशन पर मौसम की मार पढ़ सकती है। ताजा समाचार के अनुसार फ्लोरिडा के खराब मौसम के कारण नासा के ऐतिहासिक मिशन में बाधा डाल सकता है। बहरहाल नासा इस मिशन को तय समय पर प्रक्षेपित करने को तैयार है।
भारतीय तारा भौतिकी संस्थान बेंगलुरु के सेनि पसिद्ध खगोल वैज्ञानिक प्रो रमेश कपूर के मुताबिक स्पेसएक्स की टेस्ट फ़्लाइट डेमो/2 आज रात प्रक्षेपित की जानी है। मिशन में दो यात्री रॉबट बेकन (Robert Behnken) औऱ डगलस हर्ली ( Douglas Hurley) सवार होकर जाने वाले हैं। नासा का यह स्पेसएक्स द्वारा अहम टेस्ट मिशन है। यह मिशन सफल रहा तो नासा का अंतिरिक्ष यात्रियों को भेजने की दूसरे पर निर्भर नही रहना पड़ेगा। इस मिशन को अंजाम तक पहुचाने में अंतरिक्ष यान क्रू डेगन अहम रोल निभाने जा रहा है। यह यात्रा जितनी महत्वपूर्ण है उतनी ही चुनोतिपूर्ण भी है। जिस पर नासा ( NASA) हर हाल में कामयाब होना चाहेगा। अंतरिक्ष यात्री अंतराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन तक का सफर तय करेंगे।

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क्रू ड्रेगन 19 घंटे आईएसएस का पीछा करेगा

यान 19 घंटे तक अंतरिक्ष स्पेस स्टेशन यानी आईएसएस का पीछा करते रहेगा। यदि वह आज समय से उड़ान भरने में कामयाब रहा तो 28 मई की रात भारतीय समय के अनुसार 10.09 बजे अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ जाएगा। जुड़ने के ढाई घंटे बाद दोनों यानो के बीच के हैच खुल जाएंगे।

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30 से 120 दिन रह सकते हैं यात्री अंतिरिक्ष में

प्रो कपूर का कहना है कि अंतरिक्ष यात्रियों का सफर एक से चार माह तक रह सकता है। मिशन की कार्यक्षमता का विभिन्न पहलुओं का परीक्षण और मूल्यांकन किया जाना है। इस मिशन की कामयाबी से नासा अंतरिक्ष यात्रियों के लिए आगामी योजनाएं बना सकेगा।

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धरती से 400 किमी ऊपर है स्थापित है आईएसएस

प्रो कपूर के अनुसार, अंतराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पृथ्वी से 400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। वह डेड़ घंटे में पृथ्वी का चक्कर पूरा कर लेता है। ब्रह्मांड के अध्ययन को लेकर स्पेस स्टेशन की उपयोगिता बेहद अहम है।

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