सपा रैली चुनाव आयोग ने की कार्रवाई, SHO को किया गया सस्पेंड

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न्यूज़ डेस्क (nainilive.com) – लखनऊ में अखिलेश यादव ने शुक्रवार जो कार्यक्रम किया था, उससे देशभर में ये सवाल उठे कि अगर ये वर्चुअल रैली है तो फिर असल रैली किसे कहते हैं? कोरोना काल ने वर्चुअल मीटिंग और वर्चुअल रैली का जो नया विकल्प दिया. अखिलेश यादव ने उसे बस एक नया नाम बनाकर रख दिया. लखनऊ में शुक्रवार को ये सब जो हुआ.. उसके खिलाफ एक्शन भी हुआ है.. लखनऊ के डीएम के मुताबिक समाजवादी पार्टी के कार्यक्रम में आदर्श आचार संहिता और कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया है.

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2 हजार से ज्यादा समाजवादी कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. FIR फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ हुई है, नामजद नहीं है. लखनऊ के गौतमपली थाने में महामारी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. जब अखिलेश यादव कथित वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे तब डीएम के आदेश पर मजिस्ट्रेट अपनी टीम के साथ समाजवादी पार्टी के ऑफिस पहुंचे थे. भीड़ का आंकलन किया और रिपोर्ट डीएम को सौंपी. उसी रिपोर्ट के आधार पर बिना अनुमति भीड़ जमा करने को लेकर मामला दर्ज हुआ है.

इस पूरे मामले में समाजवादी पार्टी के कर्ताधर्ता तो जिम्मेदार हैं ही. लखनऊ का पुलिस प्रशासन भी कम कसूरवार नहीं है और इसिलिए पुलिस की इस हीलाहवाली पर भी एक्शन लिया गया है. गौतमपल्ली इलाके के SHO को सस्पेंड किया गया किया है और लखनऊ के एसीपी से भी जवाब मांगा गया है

जिनके दम पर कोरोना के खतरे के बावजूद लखनऊ में ये मजमा लगा यानी स्वामी प्रसाद मौर्य उन्होंने गोरखपुर में खिचड़ी कार्यक्रम करने के लिए सीएम योगी को ही निशाने पर लिया. मौर्य ने कहा, ”सबसे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर दर्ज करना चाहिए मुकदमा स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा आज गोरखपुर में मुख्यमंत्री हजारों लोगों के साथ खिचड़ी खा रहे हैं. आचार संहिता मुख्यमंत्री तोड़ रहे हैं, सार्वजनिक रूप से हजारों लोगों के बीच खाई खिचड़ी सबसे पहले उनपर दर्ज हो मुक़दमा.

बीजेपी ने भी पलटवार किया है. बिहार सरकार में मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा, समाजवादी पार्टी  कानून तोडने का नाम है, लाल टोपी उसी की निशानी है. दल बदलने वाले दो तीन लोग आ गए तो इस पर जश्न मनाने की क्य जरूरत है, पूरी तरह कोरोना गाइडलाइन को तोड़ा है. केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, इस तरह की एंट्री और एग्जिट से भाजपा पर कोई फर्क नहीं पड़ता है. चुनाव का मौसम है तो कुछ लोग सियासी सैर करने के लिए निकल पड़ते हैं. यह नई चीज़ नहीं.

शुक्रवार को कार्यक्रम के दौरान ही अखिलेश यादव ने कहा था कि चुनाव आयोग के नियमों का पालन करेंगे.. लेकिन वर्चुअल का बैनर लगाकर अखिलेश यादव ने फिजिकल रैली की और शक्ति प्रदर्शन करने का काम किया सपा नेता नरेश उत्तम ने कहा, यह कार्यक्रम वर्सुअल था, समाजवादी पार्टी ने किसी को नहीं बुलाया था, अगर बुलाया होता तो लांखों की संख्या में लोग आते. कोरोना के नियमों का कोई उल्लंघन नहीं है सभी लोग मास्क पहन कर आए.

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